



सर्वोच्च अदालत के अधिवक्ता आए एकमंच पर
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बिजय कुमार जैन
बिजय कुमार जैन
वरिष्ठ पत्रकार व सम्पादक
हिंदी सेवी-पर्यावरण प्रेमी
भारत को भारत ही बोला जाए, इंडिया नहीं का आव्हान करने वाला एक भारतीय वरिष्ठ पत्रकार व संपादक
राष्ट्रीय अध्यक्ष
मैं भारत हूँ फाऊंडेशन
बिजय कुमार जैन
९३२२३०७९०८
भारतीय भाषा स्वीकार अभियान
हिंदी को राष्ट्रभाषा का मिले सम्मान
एक राष्ट्रीय भाषा हमारा उद्देश्य है।
बिजय जैन के निर्देशन में हिंदी को राष्ट्रीय भाषा के सम्मान के लिए, मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, लखनऊ, भोपाल, हैदराबाद, चेन्नई, चंडीगढ़, भुवनेश्वर, गुवाहाटी आदि जैसे प्रमुख शहरों में बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें हिंदी साहित्यकारों, भाषा प्रेमियों और पत्रकारों की भारी संख्या ने भाग लिया, मीडिया की वरिष्ठ हस्तियों की ओर से उत्साहजनक प्रतिक्रियाएं मिलीं, हुई कि पत्रकारिता जगात द्वारा ‘हिंदी’ को संवैधानिक मान्यता दिलाने के संकल्प पर स्वागत और ऐतिहासिक कार्यक्रम होते रहना चाहिए ।
अपने प्रयास को जारी रखते हुए श्री जैन ने ३० जनवरी, २०१७ को दिल्ली के राजघाट से महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर भारत सरकार से अनुरोध किया कि भारत की राष्ट्रभाषा के रूप में ‘हिंदी’ को संवैधानिक सम्मान दिया जाए जिसे समर्थन भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, सांसद, पत्रकारों, संपादकों, भाषाविदों और लेखकों कों भी प्राप्त हुआ। यह काफिला यहीं नहीं रुका। ५ जनवरी २०१७ को तेरापंथ भवन भुवनेश्वर, १२ जनवरी २०१७ को हिंदी साहित्य सम्मेलन कार्यालय, नई दिल्ली, १९ जनवरी २०१७ असम राष्ट्रीय भाषा समिति गुवाहाटी, २२ जनवरी २०१७ प्रेस क्लब, चंडीगढ़, ३० जनवरी २०१७, ६ फरवरी २०१७, मुंबई नगर निगम, ४ मार्च २०१७, बागड़का कॉलेज मुंबई, १६ मार्च, २०१७, ऐय कॉलेज, विले पार्ले, २३ मार्च, २०१७, मारवाड़ी पब्लिक लाइब्रेरी, नई दिल्ली, प्रेस क्लब रायपुर १४ मई, २०१७ को, कुंड-कुंड ज्ञानपीठ इंदौर १८ जून, २०१७ को मुंबई में पहली बार २६ से ३० सितंबर तक, २४ भारतीय भाषाओं के विश्व स्तरीय भारतीय भाषा पुस्तक मेला का आयोजन किया गया था, जिसका उद्घाटन गोवा के राज्यपाल माननीय श्रीमती मुदृला सिन्हा द्वारा किया गया। श्री जैन को गोवा के राज्यपाल, सभी गणमान्य व्यक्तियों और मेहमानों से प्रशंसा और समर्थन दिया, जिन्होंने ३ जनवरी, २०१८ को तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय हिंदी और अन्य सभी भारतीय भाषाओं के विकास और संवर्धन के लिए श्री जैन के प्रयासों के लिए भारी समर्थन विज्ञापन प्रकाशित करवाया। कोलकाता में एक सम्मेलन में श्री जैन को प्रथम ‘मातृ भाषा-फिर राष्ट्रभाषा’ को मंच से नीचे उतरने तक का त्रास भी सहना पडा।
मैं भारत हूँ फाउंडेशन ने आयोजित किया भव्यातिभव्य कार्यक्रम ‘भारतीय प्रतिबिम्ब कल-आज और कल’
भारत का हो संवैधानिक एक ही नाम ‘इंडिया नहीं भारत ही है असली पहचान’
नई दिल्ली: ‘मैं भारत हूं फाउंडेशन’ व ‘नमह भारत फाउंडेशन’ द्वारा रविवार ७ अगस्त २०२२ को नई दिल्ली स्थित डॉ. आम्बेडकर इंटनेशनल सेंटर में ‘भारतीय प्रतिबिम्ब कल-आज और कल’ नामक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, इस दौरान सभी आगंतुकों ने देश के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनैतिक व सामाजिक महत्व का जिक्र करते हुए देश का एक ही नाम ‘भारत’ ही रहे इसकीr मांग की। परम श्रद्धेय प्रातः पूजनीय गोविंद देव गिरी जी (कोषाध्यक्ष श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट) ने वीडियो कांप्रâेंस के द्वारा सभा को संबोधित कर कार्यक्रम की सफलता के लिए आशीर्वाद ही नहीं दिया बल्कि यह भी कहा कि एक दिन विश्व में मां भारती जरूर कहेगी कि ‘मैं भारत हूँ’ केवल भारत!आजादी के ७५वें वर्ष पर देश भर में मनाये जा रहे ‘अमृत महोत्सव’ के उपलक्ष्य पर देश के गौरवशाली इतिहास की जानकारी देते हुए अपनी बात रखी, इस दौरान दैनिक ‘पंजाब केसरी’ की निर्देशक व वरिष्ठ नागरिक श्रीमती किरण चोपड़ा ने कहा कि यहां कोई मुम्बई से आया और कोई गुजरात से, लेकिन मैं ‘भारत’ से हूं, उन्होंने कहा कि जिस परिवार से मैं हूं उसके मायने ही ‘भारत’ है। अपने देश के लिए मर मिटना ‘भारत’ है। समर्पण, त्याग व बलिदान ‘भारत’ है।
हिंदी कल्याण ट्रस्ट
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यात्रा से शुरू होता है:
मीरा-भायंदर -न १९ जुलाई, २०१५ -न वापी, १९ जुलाई, २०१५ -न सूरत, १९ जुलाई, २०१५ -न अंकलेश्वर, २० जुलाई २०१५ -न वडोदरा, २० जुलाई, २०१५ -न अहमदाबाद, २० जुलाई, २०१५, न बछीवाड़ा २१ जुलाई २०१५ -न राजसमंद २१ जुलाई २०१५ -न सेवक शहीदी स्थल, उदयपुर, २२ जुलाई २०१५ -न जोधपुर, २२ जुलाई २०१५ -न डोंगरपुर, २३ जुलाई २०१५ -न नागौर, २३ जुलाई २०१५ – भरतिया स्कूल, लक्ष्मणगढ़, २३ जुलाई २०१५ -न करणी माताजी का देशवार मंदिर, २४ जुलाई, २०१५ -्न बीकानेर २४ जुलाई, २०१५